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फ्री होल्ड से सच होगा संपत्ति का मालिक बनने का सपना, सरकार के इस फैसले से किरायेदार से बनेंगे मालिक

रायपुर। नगरीय निकायों की संपत्ति अब फ्री होल्ड होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस फैसले से नगरीय निकायों से संपत्ति खरीदने वालों को अब मालिकाना हक मिल सकेगा। अब तक नगरीय निकायों की संपत्ति लीज (किराये) पर दी जाती थी। यह फैसला राज्य के सभी 169 निकायों में लागू होगा। इससे निकाय की जमीन पर दुकान व मकान खरीदने वालों को फायदा होगा। अब वे किरायेदार से मालिक बन जाएंगे।

प्रदेश सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में रहने वालों के लिए महीनेभर के भीतर कई बड़े फैसले लिए हैं। मार्च में खत्म हुए विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार ने नियमितीकरण का कानून पास किया था। इससे उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी, जिन्होंने समय साथ अपनी जरुरत के हिसाब से नक्‍शे से अलग निर्माण करा लिया था।

इसके साथ ही सरकार ने लेआउट पास करने का अधिकार भी नगर निगम को सौंपने का फैसला किया है। अब तक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा लेआउट पास किया जाता था। इसकी वजह से लोगों को प्लाटिंग करने के लिए दो कार्यालयों का चक्‍कर लगाना पड़ता है। सरकार के इस फैसले से अब केवल नगर निगम में ही पूरा काम हो जाएगा।

निकायों की भी बढ़ेगी आय

सरकार के इन फैसलों से आम लोगों को तो सुविधा होगी ही निकायों की भी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। बता दें कि राज्य के कई निकायों की आर्थिक स्थिति खराब है। अफसरों के अनुसार फ्री होल्ड और नियमितीकरण से निकायों के पास एक मुश्त राशि प्राप्त होगी। इस राशि का उपयोग शहरों में नागरिक सुविधाओं के विकास और विस्तार में होगा।

नियमितीकरण भी हो गया है आसान

नियमितीकरण के लिए पास किए गए कानून में जमीन का उपयोग बदलने से लेकर पार्किंग के स्थान पर अतिक्रमण के भी नियमितीकरण का प्रविधान है। मकान के स्वीकृत नक्शा में पार्किंग की शत-प्रतिशत जमीन पर निर्माण करने वालों से प्रत्येक कार के लिए दो लाख रुपये जुर्माना लेकर नियमितीकरण कर दिया जाएगा। इसी तरह जमीन का उपयोग (लैंड यूज) बदलने वालों को नियमितीकरण के लिए कलेक्टर गाइड लाइन दर का पांच प्रतिशत जुर्माना देना होगा। कानून में स्वयंसेवी संस्थाओं को छूट का भी प्रविधान रखा गया है।

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