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प्रधानमंत्री आवास की किस्त में विलंब हुआ तो मैं समझूंगा दाल में कुछ काला है : शिवराज

भोपाल । प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के हितग्राही को किस्त मिलने में विलंब नहीं होना चाहिए। विलंब होता है तो गड़बड़ी की संभावना बनती है। यदि ऐसा हुआ तो मैं समझूंगा कि दाला में कुछ काला है और हम भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को सिंगल क्लिक के माध्यम से नगरीय निकायों के खातों में 931 करोड़ रुपये अंतरित करते हुए कही। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार दस लाख की आबादी वाले निकायों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर) को 432 करोड़ रुपये वायु की गुण्ावत्ता में सुधार, पेयजल योजनाओं, सीवरेज, स्वच्छता और स्थानीय विकास के कार्यों के लिए आवंटित किए गए हैं। शेष 499 करोड़ रुपये अन्य निकायों को विकास कार्य के लिए आवंटित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शहरी विकास के काम तेजी से चल रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर को वायु की गुणवत्ता में सुधार, सिटी एक्शन प्लान के क्रियान्वयन के लिए 131 करोड़ 50 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। पेयजल और स्वच्छता के लिए 301 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। 10 लाख से कम आबादी शहरों को 499 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। इस राशि का उपयोग वेतन-भत्ते को छोड़कर विकास कार्यों में किया जाना है। योजना बनाकर समयसीमा में लक्ष्य की पूर्ति के लिए काम करें। पेयजल की आपूर्ति के काम को प्राथमिकता में करना है। स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है। इसमें कोई कसर नहीं रहनी चाहिए। हमें देश में नंबर एक पर रहना है। मानसून के पहले शहरी क्षेत्र की सड़कें के रखरखाव का काम पूरा कर लें। प्रधानमंत्री आवास के लिए पर्याप्त राशि है। समय से किस्त हितग्राही के खाते में जमा करें।

अतिक्रमण से मुक्त भूमि पर बनेंगे गरीबों के आवास

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश स्वच्छता, प्रधानमंत्री आवास, पथ विक्रेता को ऋण दिलाने सहित अन्य क्षेत्रों में लगातार पुरस्कार प्राप्त कर रहा है। मुख्यमंत्री के प्रयास से प्रधानमंत्री आवास योजना में एक लाख 15 हजार आवास स्वीकृत हुए हैं। माफिया के विरुद्ध बुलडोजर चलाने का काम चल रहा है। अतिक्रमण मुक्त भूमि गरीबों के आवास बनाने के लिए आरक्षित की जाएगी।

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