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अधिकारियों और धर्मगुरुओं की रज़ामंदी के बाद मदरसों में भी लगेंगे टीके

नूंह। ‘खसरा’ और ‘रुबैला’ जैसी बीमारियों को खत्म करने के लिए अब मदरसों व स्कूलों में भी टीके लगाए जाएंगे। इन बीमारियों से नौनिहालों को बचाने के लिए ज़िला प्रशासन अब धर्म गुरुओं व सामाजिक लोगों का सहयोग लेने की तैयारी में है।

याद रहे कि इससे पहले मलेरिया का खात्मा करने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग ने धर्म गुरुओं का सहयोग लिया था और विभाग की यह पहल काफी हद तक कामयाब भी रही। ‘खसरा’ व ‘रुबैला’ के टीकाकरण को लेकर गुरुवार को नूंह सीएचसी में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें नूंह के एसडीएम मनोज कुमार, मस्जिद के मुफ्ती ज़ाहिद हुसैन व सीएचसी के एसएमओ डॉ़ गोविंद शरण के अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी व बाल विकास अधिकारी ने भी भाग लिया।

बैठक में एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि ‘खसरा’ बेहद खतरनाक बीमारी है। अगले हफ्ते से ब्लॉक स्तर पर पंचों, सरपंचों, एएनएम, आशा वर्कर व एनजीओ को अभियान की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।

गौरतलब है कि ख़ासतौर से मदरसों में एक मुद्दत से सरकार की तरफ से चलाए जाने वाले टीकाकरण अभियानों को शक की नज़र से देखा जाता रहा है। कुछ धर्मगुरुओं का मानना है कि सेहत के लिहाज़ से ये इंजेक्शन बच्चों के लिए बेहद खत़रनाक होते हैं, लेकिन अब जिस तरह से सरकारी अधिकारियों के साथ मदरसों के रज़ामंदी हुई है, उससे यक़ीनन बेहतरी की उम्मीद की जा सकती है।

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