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तेलंगाना में बंधक 28 मज़दूरों को छत्तीसगढ़ सरकार ने कराया आज़ाद

 

(  दीपक भार्गव  )

 

छत्तीसगढ़। काम की तलाश में मजदूर एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश तक पलायन कर जाते हैं, लेकिन उन गरीब मजदूरों को क्या पता कि जहां वो काम कर रहे हैं वहां उन्हें बंधक बना लिया है। ऐसे ही बन्दुआ मजदूरी कराने का मामला छत्तीसगढ़ के गरियाबंद इलाके में सामने आया है। यहां 28 श्रमिक व 5 बच्चें रोजगार की तलाश में तेलंगाना पहुँच गये थे। जहाँ उन्हें काम तो मिला लेकिन बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था। एक मजदूर ने तेलंगाना से भागकर छत्तीसगढ़ गरियाबंद पहुंच कर जिला प्रशासन के सामने आप बीती बताकर अपने अन्य साथियों को मुक्त करने की गुहार लगाई। ओर प्रशासन में मामले की गम्भीरता को भांपते हुए टीम गठित कर तेलंगाना में बंधक बने मजदूरों का आजाद कराया।
जानकारी अनुसार बीते दिनों गरियाबंद जिला के हाथबाय एवं डुमर बहरा के तेलंगाना के पेद्दापल्ली गांव में ईटभट्टा में काम करने के लिए जिले से पलायन किये गए 28 श्रमिक और 5 बच्चों को जिला प्रशासन द्वारा वापस लाया गया है। तेलंगाना राज्य के जिला पेद्दापल्ली एवं तमिलनाडु के जिला सेलम में काम करने गए मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था। उनके सुरक्षित वापसी के लिए कलेक्टर श्याम धावड़े द्वारा श्रम विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई तथा पंचायत सचिव की संयुक्त जिला स्तरीय टीम का गठन किया गया था। गठित टीम 1 जनवरी को रवाना हुई। संयुक्त टीम द्वारा ईट भठ्ठा पेद्दापल्ली मे रेस्क्यू किया गया,जहां से 21 मजदूर काम करते पाये गए उनके साथ 5 बच्चे भी थे। ये श्रमिक जिला गरियाबंद के ग्राम डुमरबाहरा एवं दांतबाय के रहने वाले थे। जिन्हे विमुक्त कराया गया।

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