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राम नवमीं विशेष : इस मंदिर में 55 सालों से निरंतर जारी है राम धुन

 

— 1 अगस्त 1964 से शुरू हुई राम धुन
— गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज

 

 

                     (  जयंत शाह   ) 

 

 

 

” श्री राम जय राम जय जय राम”

उमा कहंऊ में अनुभव अपना,
सत् हरि भजन जगत सब सपना।

भावार्थ: भगवान शंकर माता पार्वती से कहते हैं। हे उमा मैं तुम्हें अपना अनुभव कहता हूं हरि का भजन ही सत्य है यह सारा संसार एक स्वप्न की भांती झूठा है। श्रीरामचरितमानस के अंतिम सोपान उत्तरकांड में गोस्वामी तुलसीदास संपूर्ण अध्यात्म का मर्म बताते हुए लिखते हैं
” कलयुग एक नाम अधारा,
सुमिर सुमिर नर उतरहीं पारा”
मानस कि इन दोनों चौपाइयों को साकार रूप में चरितार्थ होते हुए देखने का अवसर मुझे मिला गुजरात राज्य के समृधशाली शहर प्राचीन नाम नवानगर वर्तमान में जामनगर में यहां रणमल झील के दक्षिण-पूर्व मैं हनुमान जी का एक चमत्कारिक मंदिर स्थित है।

जिसका नाम है ” श्री बाला हनुमान मंदिर” मंदिर के परिसर में पहुंचते ही हमारे कर्ण पटल पर हारमोनियम एवं तबले के संगीत के साथ ” श्री राम जय राम जय जय राम” की पवित्र स्वर लहरी सुनाई देती है। जिसे सुनकर आत्मा और मन प्रफुल्लित हो उठते हैं। शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। जामनगर शहर की स्थापना के साथ ही 1540 में इस मंदिर की स्थापना हुई थी। इस मंदिर की विशेषता केवल अति प्राचीन होना ही नहीं अपितु आज लोग इसे ” गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” में दर्ज होने के चलते भी पहचानते हैं। मंदिर के ट्रस्टीयों के अनुसार सन् 1964 में श्री प्रेम भिक्षु जी महाराज ने मंदिर का जीर्णोद्धार करावाया था, और उन्हीं की प्रेरणा से श्री राम धुन के निरंतर जाप की परंपरा प्रारंभ हुई जो आज 55 वर्ष बाद भी अनवरत जारी है।

— 55 वर्ष पुरानी है यह परंपरा

1 अगस्त 1964 यानी लगभग 55 वर्ष पूर्व श्री प्रेम भिक्षु जी महाराज के कहने से भक्तों ने श्री राम जय राम जय जय राम मंत्र का जाप 7 दिनों तक लगातार 24 घंटे तक करने का निर्णय लिया। जो बात में एक अंत ही परंपरा बन गई और आज तक अनवरत जारी है। इस रामधुन की एक और विशेषता है। इसे गाने वाले सामान्य भक्तजन की हैं कोई पेशेवर गायक नहीं है। इनकी सूची प्रतिदिन बनाकर एक दिन पहले ही नोटिस बोर्ड पर लगा दी जाती है विशेष परिस्थितियों में कोई विघ्न ना पड़े इसके लिए चार चार अतिरिक्त गायकों के नाम लिख लिए जाते है। इसके अलावा कोई भी भक्त या दर्शनार्थी इस रामधुन सभा में शामिल हो सकता है।

— भूकंप के दौरान भी रामधुन का जाप

विशेष बात यह है कि 2001 में गुजरात में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान भी लोगों ने मंदिर में रामधुन का जाप निरंतर जारी रखा था। इस प्रकार आधी शदी से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जामनगर के चमत्कारिक श्री बाला हनुमान मंदिर मैं जहां श्री हनुमान जी अपने बाल स्वरूप में सहज मुस्कान के साथ विराजम है। हे राम धुन अनवरत जारी है। एवं मंदिर मुख्य सभागृह में श्री राम दरबार सजा हुआ है तथा मंदिर परिसर में ही इस दिव्य अखंड राम धुन की प्रेरणा देने वाले संत श्री प्रेम भिक्षु जी महाराज की समाधि स्थित है तथा परिसर में ही सुंदर फुलवारी भी स्थित है। मंदिर परिसर के बाहर प्राचीन रणमल झील तथा प्रसिद्ध लाकोठा किला अपने गौरवशाली अतीत की छटा बिखरता दिखाई देता है। इसी प्रकार से अखंड राम धुन की परंपरा मेरी जानकारी के अनुसार द्वारका, राजकोट, महुआ, जूनागढ़ और मुजफ्फर नगर बिहार में भी जारी है भारत के अन्य मंदिरों में अखंड रामायण पाठ की भी परंपरा है।

जय श्री राम
रामनवमी के शुभ अवसर पर अनेकानेक शुभकामनाएं बधाई।

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