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बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल में 523 छात्रों का भविष्य अधर में

 

 ( बलराम सिसोदिया )

मध्यप्रदेश। सीहोर जिले की तहसील रेहटी का बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल इन दिनों भवन अभाव स्टाफ की कमीं और बिना प्राचार्य के चल रहा है। वहीं स्टाफ की कमीं के बाद यहां अतिथि शिक्षकों के भरोसे छात्रों का भविष्य बनाया जा जा रहा है। यहां २ अगस्त २०१प्राचार्य का पद खाली पड़ा हुआ है। इसके साथ ही अंग्रेजी, रसायन, कामर्स, राजनीति, भूगोल, गणित के व्याख्याता नहीं होने से माध्यमिक के शिक्षको और अतिथि शिक्षको को पढना पड़ रहा है। ऐसे में यहां पढने वाले 523 छात्रों को जो शिक्षा मिलना चाहिए वह नहीं मिल पा रही है। यहां छात्रों को सीखने के लिए प्रयोगशाला का भी निर्माण किया है। लेकिन प्रयोगशाला सहायक नहीं होने से यहां साईंस विषय के शिक्षको को ही प्रयोगशाला सहायक का काम करना पड़ रहा है। जिन शिक्षकों को काम केवल पढने है वह प्रयोगशाला में काम छात्रों को प्रयोग करना क्या बताएंगें। यहां पदस्थ शिक्षको को स्कूल में लेट लतीफ आना भी एक चर्चा का विषय बना हुआ है।आने वाले समय में हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी, और अभी तक छात्रों का कोर्स भी अधूरा बताया जा रहा है। ऐसे में निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि इस वर्ष का बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल रेहटी का परीक्षा परिणाम प्रतिशत गिरने की पूर्ण संभावना है।

—स्कूल में नहीं है खेल मैदान

स्कूल में खेल का मैदान होना अनिवार्य है। लेकिन यहां खेल तक का मैदान नही होने से छात्र अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पा रहे हैं। स्कूल के पास खेल मैदान की जगह तो है लेकिन उबड़ खाबड़ और समतल नहीं होने से अभी तक यहां खेल मैदान खलने के लिए तैयार नहीं है। स्कूल प्रबंधन इस बात का इंतजार कर रहा है कि नगर परिषद खाली पड़ी जमीन को समतल बनाए और यहां खेल मैदान का निर्माण हो सके। स्कूल में खेल मैदान होना जरूरी है। लेकिन खेल मैदान की आवश्यकता को न तो नगर परिषद ने गंभीरता से लिया और ना ही स्कूल प्रबंधन ने।

— 67 लाख का स्कूल भवन हुआ क्षतिग्रस्त

बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल में सन 2013 में 67 लाख का स्कूल भवन बनाया गया था। निर्माण ऐजेंसी ने लाखों के स्कूल भवन को इतना घटिया बनाया कि पूरे स्कूल की दीवारे फट रही है। और जगह जगह से छत भी क्रेक हो रहा है। ऐसे में 67 लाख का स्कूल भवन 10 साल भी छात्रोंं के लिए काम नही आ सका। यहां पढने वाले 523 से अधिक छात्रों को इस बात का डर बना रहता है कि यह स्कूल कहीं छात्रों पर नही गिर जाए। क्योंकि इसकी दीवारें जगह जगह से फट रही है। छत भी क्षतिग्रस्त हो रहा है।

— चार कमरें स्कूल के लिए कम

स्कूल के 523 छात्रों के लिए अभी भी चार कमरें कमहैं। ऐसे में जिस स्कूल में छात्रों की बैठने की समस्या है वहां पढ़ाई कैसी होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। शिक्षा विभाग को चाहिए कि रेहटी बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल में जो सुविधाएं होना चाहिए वह देकर छात्रों का भविष्य बनाने में सराहनीय कदम उठाया जाए।

प्रभारी प्राचार्य बोले…
स्कूल में रिक्त शिक्षक पदों पर अतिथि शिक्षको की नियुक्ति कर विद्यार्थियों की पढ़ाई करवाई जा रही है। छात्रों का भविष्य बनाने में मेरा और स्टाफ का सहयोग बना हुआ है। — (भगवत सिंह कलमोदिया, प्रभारी प्राचार्य बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल रेहटी)

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