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जिनमें कूट कूट कर अहंकार भरा है वही लोग कह रहे हैं कि ये सरकार नहीं चलेगी

मेरी तरह शिवराज सिंह भी इस चुनाव में अकेले पड़ गए -दिग्विजय सिंह

इंदौर । जिस समारोह में दिग्विजय सिंह हों वह राजनीति की चर्चा से कैसे अछूता रह सकता है।स्टेट प्रेस क्लब ने कार्यक्रम तो रखा था पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से एक आत्मीय मुलाकात का। उद्देश्य यही था कि अखबार मालिक प्रेस काम्प्लेक्स की जमीन संबंधी अपनी परेशानी बता सकें।दिग्विजय सिंह से अनुरोध किया कि कुछ बोलें तो उन्होंने कहा जैसे 2003 के चुनाव में मैं अकेला पड़ गया था वैसे ही इस बार के चुनाव में शिवराज सिंह चौहान अकेले पड़ गए।
जो लोग ये कह रहे हैं कि मप्र की ये सरकार अल्पमत की है, जब चाहूँगा तब गिरा दूँगा।कभी भी निपटा देंगे,सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी, ऐसी बातें वही लोग कर रहे हैं जिनमें कूट कूट कर अहंकार भरा है।माँ दावे के साथ कह रहा हूँ ये सरकार पूरे समय चलेगी, हमारे पास बिताऊँ नहीं टिकाऊ माल है।बेहतर होगा कि हमारी चिंता करने की बजाय वे लोग अपनी चिंता करें ।
प्रदेश में एक नया राजनीतिक माहौल बना है। मैं 2003से तक के समय के बारे में चर्चा करना नहीं चाहता। 2018 से 23 के बारे में कह सकता हूँ कि हमारी सरकार चलेगी। कौन कितने पानी में है आप सब इस बात से परिचित हैं।कल तक जो कहते थे 2019 की नहीं 2024 की बात करो, उन्हीं लोगों को अब 2019 की चिंता सता रही है। 2003 से जो व्यवस्था रही उसमें मेरा राजनीतिक संपर्क नहीं रहा। इसके कई कारण थे लेकिन 2017 में जब मैं नर्मदा परिक्रमा पर निकला और लोगों से मिला, ये सारे वो लोग थे जिन्हें किसी तरह के राजनीतिक लाभ की अपेक्षा नहीं थी। इन लोगों से संपर्क में लग गया था कि लोग बदलाव के लिए बैचेन हैं।जैसे मैं 2003 में अकेला पड़ गया था वैसे ही इस चुनाव में शिवराज भी अकेले पड़ गए।
बातों ही बातों में दिग्विजय सिंह ने यह भी कह डाला कि इंदौर में ये दो प्रेस क्लब वाली बात मुझे अच्छी नहीं लगती, लगता है मुझे यहां भी समन्वय करना पड़ेगा। संचालन कर रहे स्टेट प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने उन्हें विश्वास भी दिला दिया कि मैं अपने स्तर पर हर तरह से तैयार हूँ, जैसा आप कहेंगे, पालन करुंगा।

एक एक व्यक्ति से मिले और अखबार
मालिकों की परेशानी भी सुनी

दिग्विजय सिंह बाद में समारोह में मौजूद एक एक व्यक्ति से उसके पास जाकर मिले।खारीवाल ने अखबार मालिकों-संपादकों से मुलाकात कराई।इन लोगों ने प्रेस कांप्लेक्स की जमीन के भाव में बढ़ौतरी को लेकर आ रही परेशानी की विस्तार से जानकारी दी। पद्मश्री अभय छजलानी, सुरेंद्र संघवी, ओमी खंडेलवाल,जीवन साहू, सतीश जोशी, सुभाष जैन, विवेक सेठ,क्रांति चतुर्वेदी, किशोर वाधवानी, नितेश वाधवानी, मनोज राजपूत, संदीप मेहता, हेमंत शर्मा, मोहित बिंदल, राजेश जैन, प्रेस क्लब महासचिव नवनीत शुक्ला, प्रवीण नागर, बलराम अवस्थी, प्रतीक श्रीवास्तव, मनोहर लिंबोदिया, एमएस खिंची, आकाश चौकसे, राजेश ज्वेल, जितेंद्र जाखेटिया आदि मौजूद थे।प्रारंभ में खारीवाल, उपाध्यक्ष कमल कस्तूरी, कीर्ति राणा, कल्पना श्रीवास्तव, आकाश चौकसे, विजय अडीचवाल, अजय भट्ट आदि ने स्वागत किया।

तब मुझे ब्लेक डॉग की बोतल भेंट कर दी थी

जब फ़ैशन डिज़ाइनर आसिफ शाह ने दिग्विजय सिंह को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए एक लंबा डिब्बा भेंट किया तो उन्होंने इस डिब्बे को खुलवाया, उसके अंदर शायर कैफी आजमी की स्मृति वाला कैलेंडर था। दिग्विजय सिंह ने इस डिब्बे को खुलवाने का कारण बताते हुए किस्सा सुनाया कि जब वे कृषि मंत्री थे तो एक समारोह में उन्हें ऐसा ही बंद डिब्बा भेंटकिया गया। पूछा कि इसमें क्या है तो भेंट देने वाले ने कहा ज्यूस की बोतल है। मैंने मंच पर ही डिब्बा खुलवाया तो उसमें महँगी शराब ब्लेक डॉग की बोतल थी।

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